Thursday, 18 June 2020

एक वही था

बादल का एक टुकड़ा
बरसकर अभी-अभी 
रोया मेरे साथ
और चला गया,
एक वही था
जिसने समझा मेरा दर्द 
दिया साथ भी
जब चाह थी
कोई अपना हो मेरे पास!

#डॉप्रीतिसमकितसुराना

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