Sunday, 26 April 2020

अनुमोदना

जीव पुण्य से आस्रव, संवर, बंध, निर्जरा
से मोक्ष की ओर बढ़ता है,
तप में केवल रसना पर नहीं मन पर भी अंकुश लगता है,
आपको मेरा शत-शत नमन और  वर्षीतप की अनुमोदना,
तपोमय जीवन सदैव कठिनतम अनुशासन से चलता है।

अनुमोदना, अनुमोदना, अनुमोदना!
तपस्या करने वालों को धन्य धन्य, धन्यवाद।
सभी तपायस्वियों की सुख-साता की कामना सहित

डॉ प्रीति समकित सुराना
एवं
सुराना परिवार

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