Wednesday, 20 February 2013

तलाश करोगे तुम

निशान 
तुम्हारे दिल की गहराई में 

छोड जाऊंगी,
और देखना 

एक दिन 

तुमसे बेखबर हो जाउगी,
तलाश करोगे तुम 

मुझे 
दुनिया भीड़ में 

पर,
न मिलुंगी मै 

क्योंकि
तुममे 
इस कदर खो जाऊंगी,.......प्रीति

5 comments:

  1. प्रीति बहन
    जय जिनेन्द्र
    खूबसूरत अहसास
    सुन्दर अभिव्यक्ति
    गूगल + में प्रोफाईल फोटो लगाइये
    सादर
    यशोदा

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  2. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति है ......
    सादर , आपकी बहतरीन प्रस्तुती

    आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
    पृथिवी (कौन सुनेगा मेरा दर्द ) ?

    ये कैसी मोहब्बत है

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