Friday, 20 January 2012

मगर अपना तो है


कोई दूर हो कितना भी,
मगर अपना तो है,
ये क्या कम है?
हम मिलें न मिलें कोई गम नहीं,
दूरियां नजदीकियां बन जाए,
ये क्या कम है?,......प्रीति

9 comments:

  1. पिछली टिप्पणी में गलत सूचना के लिये खेद है ---

    दिनांक 16 /12/2012 (रविवार)को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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    1. thanks यशवन्त माथुरji,..:)

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    1. dhanywad संगीता स्वरुप ( गीत )ji

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  3. भावो को खुबसूरत शब्द दिए है अपने.....

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