Tuesday, 4 February 2020

तुम वसंत मेरे



हरे  पात में  पीले फूल खिले
सरसों के खेत भी लहलहाए
मेरा आंगन भी  हुआ बासंती
तुम वसंत मेरे  जब घर आए

प्रीति सुराना

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