"मेरा मन"
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Thursday, 20 February 2020
भारतीय का धर्म
हिन्दी में वार्तालाप करने में भला कैसी शर्म है
हिन्दी का सम्मान करना हमारा नैतिक कर्म है
सत्य, सद्भाव, सदाचार, सहिष्णुता, संवेदना से
हिन्द को विश्वगुरु बनाना हमारा भारतीय धर्म है
डॉ प्रीति सुराना
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