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चलता है इक रस्सी पर जैसे खेल दिखाता बाजीगर, दो निवाले रोटी की खातिर खेल दिखाता बाजीगर, ऊपर बैठा एक बाजीगर दुनिया जिसने बनाई है, संतुलित जीवन के लाख तरीके सिखलाता है बाजीगर,... प्रीति सुराना
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