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भावों की सरिता में डूबा नीर सा तरल, निगल गया आज जिसे काल का गरल, युगों-युगों तक अपने ही गीतों में जीयेगा नीरज का व्यक्तित्व सौम्य, सहज, सरल,..
भावभीनी श्रद्धांजलि डॉ. प्रीति सुराना
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